इन लोगों को नहीं करनी चाहिए मोती रत्न को पहनने की भूल

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चंद्रमा का रत्‍न

चंद्रमा का रत्‍न मोती मन और मस्तिष्‍क को शांति प्रदान करता है। मोती रत्‍न को धारण करने से मानसिक संतुलन मिलता है। इस रत्‍न के प्रभवा से मन की चंचलता को नियंत्रित किया जा सकता है। मानसिक रोगों में भी मोती रत्‍न धारण करने से फायदा होता है।

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कौन करे धारण

ऐसा बिलकुल भी नहीं है कि कोई भी मोती रत्‍न धारण कर सकता है। हर रत्‍न के शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के फल होते हैं। इसलिए किसी भी रत्‍न को धारण करने से पहने अपनी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अवश्‍य देख लें।

सूर्य के साथ चंद्रमा

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यदि जन्‍मकुंडली में सूर्य के साथ चंद्रमा उपस्थित हो तो वह क्षीण होता है। इसके अलावा सूर्य से अगली पांच राशियों के पहले स्थित होने पर भी चंद्रमा क्षीण होता है। ऐसी स्थिति में मोती धारण करना चाहिए।

केंद्र में चंद्रमा

केंद्र में चंद्रमा हो तो उसे कम प्रभाव वाला या अप्रभावी मानते हैं। ऐसे में केंद्र में चंद्रमा होने पर भी मोती पहनना चाहिए।

धन भाव का स्‍वामी

दूसरे भाव अर्थात धन भाव का स्‍वामी यदि चंद्रमा हो तो यह कुंडली मिथुन लग्‍न में होगी। ऐसे में अगर चंद्रमा छठे भाव में बैठा हो तो मोती धारण करना बहुत उत्‍तम होता है।

ये जरूर पहनें मोती

जन्‍मकुंडली में अगर चंद्रमा पंचमेश होकर बारहवें भाव में हो या सप्‍तमेश होकर दूसरे भाव में हो, नवमेश होकर चतुर्थ भाव में हो, दशमेश होकर पंचम भाव में हो तथा एकादशेश होकर षष्‍ठम भाव में स्थित हो तो ऐसे व्‍यक्ति को यथाशीघ्र मोती धारण कर लेना चाहिए।

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वृश्किच राशि का चंद्रमा

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किसी भी कुंडली में अगर चंद्रमा वृश्‍चिक राशि का हो तो इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता कि वो किस भाव में है। ऐसे जातक को बिना विलंब मोती धारण करना चाहिए। इसी प्रकार चंद्रमा छठें, आठवें और बारहवें भाव में हो तो भी मोती धारण कर लेना चाहिए।

तब देता है अच्‍छे फल

यदि चंद्रमा राहू, केतु, शनि और मंगल के साथ बैठा हो या इनकी दृष्‍टि चंद्रमा पर हो तो भी मोती धारण करना चंद्रमा के अच्‍छे फल देता है। चंद्रमा जिस भाव का स्‍वामी हो उससे छठे या आठवें स्‍थान में अगर वह स्‍थ‍ित हो तो भी मोती धारण करना चाहिए।

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नीच का चंद्रमा

अगर चंद्रमा नीच का हो, वक्री हो या अस्‍तगत हो, इसके अलावा चंद्रमा के साथ राहू के ग्रहण योग बना रहा हो तो भी मोती धारण कर लेना चाहिए। यदि विंशोत्‍तरी पद्धति से चंद्रमा की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो तो ऐसे व्‍यक्‍ति को भी मोती पहन लेना चाहिए।

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